
तमिलनाडु में चुनावी सरगर्मी के बीच मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने जल्लीकट्टू को लेकर बड़ा सियासी कदम चल दिया है। तमिल अस्मिता और परंपरा के प्रतीक इस खेल को सरकार ने अब सीधे रोजगार से जोड़ दिया है। स्टालिन सरकार ने ऐलान किया है कि जल्लीकट्टू में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सर्वश्रेष्ठ बैल प्रशिक्षक (बुल ट्रेनर) को सरकारी नौकरी दी जाएगी। इस फैसले को केवल खेल प्रोत्साहन नहीं, बल्कि एक सोची-समझी चुनावी रणनीति माना जा रहा है। जल्लीकट्टू तमिल समाज की सांस्कृतिक पहचान का अहम हिस्सा है और लंबे समय से इसे लेकर भावनात्मक जुड़ाव रहा है। ऐसे में सरकार का यह कदम ग्रामीण और परंपरागत वोट बैंक को साधने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। डीएमके सरकार का कहना है कि यह फैसला न सिर्फ पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देगा, बल्कि युवाओं को इससे जोड़कर रोजगार के नए अवसर भी खोलेगा। मुख्यमंत्री स्टालिन पहले ही जल्लीकट्टू को तमिल गौरव का प्रतीक बता चुके हैं और अब इसे सरकारी मान्यता देकर उन्होंने साफ संकेत दे दिया है कि चुनाव से पहले सांस्कृतिक मुद्दों को केंद्र में रखा जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला विपक्ष के लिए चुनौती बन सकता है, क्योंकि जल्लीकट्टू को लेकर तमिलनाडु में भावनाएं बेहद गहरी हैं। ऐसे में डीएमके का यह दांव सीधे ग्रामीण और युवा वोटरों को साधने की कोशिश है।
