
पटना।
राष्ट्रीय जनता दल सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के प्रमुख तेजप्रताप यादव की तबीयत बुधवार सुबह अचानक बिगड़ गई। पेट में तेज दर्द की शिकायत के बाद उन्हें आनन-फानन में पटना के कंकड़बाग स्थित मेडिवर्सल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में ले जाया गया, जहां करीब दो से ढाई घंटे तक जांच और इलाज चला।.जानकारी के अनुसार, तेजप्रताप यादव सुबह लगभग 11 बजे अस्पताल पहुंचे। पेट में लगातार हो रहे दर्द के कारण उन्होंने स्वयं अस्पताल जाकर उपचार कराने का निर्णय लिया। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने उनकी पेट से संबंधित विस्तृत जांच की। चिकित्सक मराची रंजन ने उनका प्राथमिक परीक्षण किया, जबकि डॉ. पीयूष द्वारा अल्ट्रासाउंड जांच की गई।

जांच रिपोर्ट में किसी गंभीर बीमारी की पुष्टि नहीं हुई है। डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को फिलहाल सामान्य बताया है और कुछ आवश्यक दवाएं देने के साथ खान-पान में परहेज और आराम की सलाह दी है। चिकित्सकों के अनुसार, घबराने की कोई बात नहीं है, लेकिन सावधानी बरतना जरूरी है। बताया जा रहा है कि तेजप्रताप यादव मंगलवार की रात भी मेडिवर्सल अस्पताल पहुंचे थे, हालांकि उस समय वे किसी मरीज को देखने गए थे। बुधवार को वे खुद मरीज के रूप में अस्पताल आए। इलाज के बाद अस्पताल से बाहर निकलते समय वे ऊनी चादर ओढ़े और सिर पर मफलर बांधे नजर आए, जिससे उनकी तबीयत पूरी तरह ठीक न होने का संकेत मिला।
अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद तेजप्रताप यादव ने मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में कहा कि अब वे पहले से बेहतर महसूस कर रहे हैं और डॉक्टरों की सलाह का पालन करेंगे। इस दौरान उन्होंने नववर्ष 2026 को लेकर भी प्रतिक्रिया दी और बिहार की जनता, समर्थकों व शुभचिंतकों को नए साल की शुभकामनाएं दीं।

तेजप्रताप यादव की तबीयत बिगड़ने की खबर मिलते ही उनके समर्थकों में चिंता का माहौल बन गया था, लेकिन डॉक्टरों द्वारा स्थिति सामान्य बताए जाने के बाद सभी ने राहत की सांस ली है। फिलहाल वे घर पर आराम करेंगे और आगे का उपचार डॉक्टरों की सलाह के अनुसार जारी रहेगा।
