
लखनऊ।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बेहद मार्मिक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। पारा थाना क्षेत्र में रहने वाली दो सगी बहनों — राधा और जिया — ने अपने पालतू कुत्ते ‘टोनी’ की गंभीर बीमारी से आहत होकर फिनायल पीकर आत्महत्या कर ली। दोनों बहनें लंबे समय से मानसिक अवसाद (डिप्रेशन) और सामाजिक अलगाव की स्थिति में जी रही थीं।
6 साल से ‘कैद’ जैसी ज़िंदगी
स्थानीय लोगों और परिजनों के अनुसार, दोनों बहनें पिछले करीब छह वर्षों से पूरी तरह समाज से कटकर रह रही थीं।
न किसी से मिलना-जुलना
न मोबाइल फोन का इस्तेमाल
न सोशल मीडिया या फोटो खिंचवाना
उनकी दुनिया केवल घर की चारदीवारी और पालतू कुत्ता ‘टोनी’ तक सिमट कर रह गई थी। टोनी ही उनका भावनात्मक सहारा था, जिससे दोनों बहनों का गहरा लगाव था।

टोनी की बीमारी बनी टूटने की वजह
कुछ दिनों से टोनी की तबीयत लगातार बिगड़ रही थी। उसे देखकर दोनों बहनें बेहद परेशान और दुखी रहने लगी थीं। बताया जा रहा है कि कुत्ते की हालत को लेकर वे रात-दिन चिंतित रहती थीं और मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुकी थीं।
परिजनों का कहना है कि टोनी की बिगड़ती हालत को दोनों बहनें सहन नहीं कर पा रही थीं। इसी मानसिक तनाव और अवसाद में आकर दोनों ने यह खौफनाक कदम उठा लिया।
फिनायल पीकर दी जान
घटना वाले दिन दोनों बहनों ने घर में रखा फिनायल पी लिया। हालत बिगड़ने पर परिजनों को इसकी जानकारी हुई और दोनों को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई।
पुलिस जांच में क्या सामने आया
सूचना मिलने पर पारा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में किसी बाहरी दबाव या साजिश के संकेत नहीं मिले हैं। पुलिस का कहना है कि यह मामला मानसिक अवसाद और भावनात्मक लगाव से जुड़ा प्रतीत हो रहा है।
इलाके में शोक और सवाल
इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है। लोग हैरान हैं कि पढ़ी-लिखी, ग्रेजुएट बहनें इस हद तक अकेली और मानसिक रूप से टूट चुकी थीं। यह घटना मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक अलगाव और भावनात्मक निर्भरता जैसे गंभीर मुद्दों पर एक बार फिर सवाल खड़े करती है।
