
अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर की गई सैन्य कार्रवाई के बाद पूरी दुनिया में तनाव का माहौल बन गया है। इस कार्रवाई के दौरान वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किए जाने का दावा किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि अमेरिकी सेना उन्हें न्यूयॉर्क स्थित हिरासत केंद्र ले गई, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति के साथ-साथ वैश्विक ऊर्जा बाजारों को भी हिला कर रख दिया है।.विशेषज्ञों के मुताबिक, अमेरिका के इस एक्शन के बाद वेनेजुएला के ऑयल सेक्टर पर अमेरिकी नियंत्रण बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े रुख और बड़े दावों के चलते कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। वेनेजुएला दुनिया के बड़े तेल उत्पादक देशों में शामिल है, ऐसे में वहां की अस्थिरता का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल मार्केट पर पड़ेगा।

भारत के लिहाज से यह स्थिति आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित हो सकती है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट आती है या सप्लाई चेन में नया संतुलन बनता है, तो भारत को करीब ₹9000 करोड़ तक का लाभ हो सकता है। इससे भारत के आयात बिल में कमी आएगी और महंगाई पर भी कुछ हद तक राहत मिल सकती है।.हालांकि, वैश्विक स्तर पर यह घटनाक्रम चिंता का विषय बना हुआ है। कई देशों ने हालात पर नजर बनाए रखते हुए संयम बरतने की अपील की है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि अमेरिका के इस कदम का असर वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर किस दिशा में जाता है।
