
वाराणसी के ऐतिहासिक मणिकर्णिका घाट पर उस वक्त तनाव का माहौल बन गया, जब रानी अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति को लेकर विवाद खड़ा हो गया। घाट पर चल रहे रीडेवलपमेंट कार्य के दौरान मूर्ति को नुकसान पहुंचने के आरोप के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। हालात बिगड़ते देख पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा, जिसके बाद 18 लोगों को हिरासत में लिया गया है। जानकारी के मुताबिक, पाल समाज के लोगों ने आरोप लगाया कि घाट के सौंदर्यीकरण और निर्माण कार्य के दौरान अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किया गया। इससे नाराज लोग बिना अनुमति के मणिकर्णिका घाट पर इकट्ठा हो गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारी जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपना चाहते थे, लेकिन अनुमति न होने के कारण पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इसी दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से धक्का-मुक्की की, गाली-गलौज की और कथित तौर पर पुलिसकर्मियों की वर्दी भी फाड़ दी। हालात काबू से बाहर होते देख पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा और मौके से 18 लोगों को हिरासत में लिया गया।
इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही बयान दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि सोशल मीडिया और इंटरनेट पर एआई से बनाए गए वीडियो के जरिए भ्रम फैलाया जा रहा है और लोगों को गुमराह किया जा रहा है। सीएम ने साफ कहा कि तथ्यों की जांच के बिना अफवाहों पर विश्वास न करें। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और हालात पर नजर बनाए हुए है। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
