
इंदौर।
देश के सबसे स्वच्छ शहर के रूप में पहचान रखने वाले इंदौर से एक दिल दहला देने वाली जल त्रासदी सामने आई है। भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से मात्र 5 माह के मासूम अव्यान की मौत हो गई। इस घटना ने नगर निगम की जल आपूर्ति व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों के अनुसार, घर में सप्लाई हो रहे पानी से बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। लगातार उल्टी-दस्त और तेज बुखार की शिकायत के बाद अव्यान को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच में दूषित पानी को ही बीमारी का कारण बताया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से गंदे और बदबूदार पानी की शिकायतें की जा रही थीं, लेकिन प्रशासन ने इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। अब एक मासूम की जान जाने के बाद भी अगर जिम्मेदार विभाग नहीं चेते, तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण होगा।घटना के बाद नगर निगम ने पानी के सैंपल जांच के लिए भेजने की बात कही है, वहीं प्रशासन ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है। सवाल यह है कि जब इंदौर स्वच्छता में नंबर वन है, तो सुरक्षित पेयजल की जिम्मेदारी में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई?
