सर्दियों के मौसम में लोगों के अधिक बीमार पड़ने की समस्या आम है, लेकिन इसके पीछे कई वैज्ञानिक कारण जुड़े हुए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार वायरल संक्रमण साल के किसी भी समय हो सकता है, फिर भी ठंड के दिनों में इसके फैलने की संभावना अधिक रहती है।रिपोर्ट्स के मुताबिक ठंड के मौसम में लोग अधिक समय घरों के अंदर बिताते हैं और एक-दूसरे के करीब रहते हैं, जिससे वायरस का प्रसार तेजी से होता है। साथ ही ठंडे वातावरण में वायरस की बाहरी परत अधिक मजबूत रहती है, जिससे वह लंबे समय तक सक्रिय रह सकता है और संक्रमण फैलाने की क्षमता बढ़ जाती है।वैज्ञानिकों का यह भी मानना है कि सर्दियों में हवा अधिक शुष्क होती है। कम नमी वाली हवा में वायरस अधिक समय तक टिके रहते हैं और आसानी से फैलते हैं। घरों के अंदर बंद वातावरण और कम वेंटिलेशन भी संक्रमण के जोखिम को बढ़ा देता है।कुछ अध्ययनों में यह भी संकेत मिला है कि ठंडा मौसम शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली की प्रतिक्रिया को प्रभावित कर सकता है, हालांकि इस विषय पर अभी निर्णायक प्रमाण सीमित हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित हाथ धोना, साफ-सफाई बनाए रखना, भीड़भाड़ से बचना और टीकाकरण जैसे उपाय संक्रमण से बचाव में प्रभावी हो सकते हैं।इस प्रकार सर्दियों में अधिक बीमारी का कारण केवल ठंड नहीं, बल्कि वातावरण, व्यवहार और वायरस की सक्रियता से जुड़ा एक संयुक्त प्रभाव माना जाता है।
ठंड में लोग ज्यादा बीमार क्यों पड़ते हैं? बदलते मौसम से जुड़ा वैज्ञानिक कारण आया सामने
