
हैदराबाद की ऐतिहासिक विरासत में एक अनोखा और दुर्लभ उदाहरण आज भी लोगों को हैरान करता है। शहर में मौजूद करीब 150 साल पुरानी हैंड-लिफ्ट आज भी पूरी तरह चालू हालत में है और खास बात यह है कि इसे चलाने के लिए बिजली की जरूरत नहीं पड़ती। यह लिफ्ट छठे निजाम मीर महबूब अली खान के शासनकाल की बताई जाती है। उस दौर में निजाम इस लिफ्ट का इस्तेमाल विशेष रूप से अपनी पोशाक बदलने के लिए करते थे।
यह हैंड-लिफ्ट पूरी तरह पारंपरिक तकनीक पर आधारित है, जिसमें मजबूत रस्सियों और भारी-भरकम गियर्स का इस्तेमाल किया गया है। इस अनोखी व्यवस्था की सबसे खास बात यह है कि आठ लोगों के बराबर वजन को मात्र दो व्यक्ति आसानी से ऊपर खींच सकते हैं।

डेढ़ सदी बीत जाने के बावजूद इसकी संरचना आज भी सुरक्षित, मजबूत और भरोसेमंद बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह लिफ्ट उस दौर की उन्नत इंजीनियरिंग सोच और कारीगरी का बेहतरीन उदाहरण है। आज भी इसका संचालन बिना किसी आधुनिक मशीन या बिजली के संभव होना, निजामकालीन तकनीकी समझ को दर्शाता है। यह हैंड-लिफ्ट न केवल हैदराबाद की नवाबी शान और रिवायतों की याद दिलाती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक जीवंत ऐतिहासिक धरोहर भी है।
