हजारीबाग:समाज में भूख और खाद्य असमानता के खिलाफ निरंतर कार्य कर रही संस्था हेल्पिंग इंडिया फीडिंग इंडिया ने अपने स्थापना दिवस को हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी “रोटी दिवस” के रूप में मनाया। वर्ष 2017 में शुरू हुई यह सेवा-यात्रा अब अपने नौवें वर्ष में प्रवेश कर चुकी है और लगातार जरूरतमंदों की थाली तक भोजन पहुंचाने का कार्य कर रही है।स्थापना दिवस के अवसर पर संस्था के देशभर में संचालित 9 अलग-अलग चैप्टरों के माध्यम से 3500 रोटियों का वितरण 700 से अधिक लोगों के बीच किया गया। यह आयोजन केवल भोजन वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज में खाद्य बर्बादी रोकने और जरूरतमंदों की मदद के प्रति जागरूकता फैलाने का संदेश भी देता रहा।संस्था के संस्थापक अभिजीत कुमार ने बताया कि रोटी दिवस का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को इस अभियान से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक परिवार एक अतिरिक्त रोटी बनाकर दान करे, तो कोई भी व्यक्ति भूखा नहीं सोएगा। इसी सोच के साथ संस्था जनजागृति अभियान चला रही है, जिसके तहत घर-घर से सुरक्षित और स्वच्छ रोटियां एकत्र की जाती हैं।इस वर्ष भी शहर के विभिन्न इलाकों से लोगों ने स्वेच्छा से रोटियां उपलब्ध कराईं। स्वयंसेवकों ने इन्हें संग्रहित कर व्यवस्थित पैकिंग की और जरूरतमंदों के बीच वितरण किया। हजारीबाग में रोटी दिवस का मुख्य कार्यक्रम पुराने समाहरणालय परिसर में आयोजित किया गया, जहां देर शाम दिहाड़ी मजदूरों के बीच रोटी-सब्जी का वितरण किया गया। दिनभर मेहनत करने वाले श्रमिकों के लिए यह पहल राहत और सम्मान का प्रतीक बनी।इस वितरण में अभिजीत, आकाश देवराज,विक्की,करण, रौशन जितेंद्र भगतिया अन्य सदस्य उपस्थित रहेनौ वर्षों की इस यात्रा में संस्था ने सामाजिक सहयोग को अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाया है। कोविड-19 जैसे कठिन समय में भी संस्था ने सेवा कार्य जारी रखकर मानवता का परिचय दिया।‘शून्य खाद्य बर्बादी और दो रोटी सबका हक’ के संकल्प के साथ संस्था आगे भी अपने अभियान को विस्तार देने की दिशा में कार्यरत है। रोटी दिवस का यह आयोजन एक बार फिर यह संदेश देता है कि छोटे प्रयास मिलकर बड़े सामाजिक परिवर्तन का आधार बन सकते हैं।
रोटी दिवस के रूप में मनाया गया स्थापना दिवस, सेवा के नौ वर्ष पूरे
