हजारीबाग* केरेडारी क्षेत्र में नकाश ट्रांसपोर्टिंग के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। गुरुवार को ग्रामीणों ने कंपनी के ट्रांसपोर्टिंग कार्य को रोक दिया और कंपनी पर मनमानी करने का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी द्वारा सड़क पर पानी का छिड़काव नहीं किया जाता, जिससे भारी धूल उड़ती है और आसपास के गांवों के लोगों को प्रदूषण का सामना करना पड़ता है।बताया जाता है कि यह कंपनी केरेडारी कोल माइंस से टंडवा एवं टोरी के लिए कोयले को परिवहन के लिए ट्रांसपोर्टिंग का काम करती है। प्रतिदिन भारी संख्या में कोयला लदे वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन धूल नियंत्रण के लिए जरूरी उपाय नहीं किए जाते।*ग्रामीणों की आरोप* कंपनी पर्यावरण से जुड़े नियमों का खुलेआम उल्लंघन कर रही है। लगातार उड़ती धूल से लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है और बच्चों तथा बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस गंभीर समस्या पर न तो जनप्रतिनिधियों का ध्यान है और न ही प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई की जा रही है।ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि कंपनी का कार्य एनटीपीसी से जुड़ा होने के बावजूद इस मुद्दे पर एनटीपीसी भी कुछ कहने से बचती रहती है, जिससे कंपनी का मनोबल और बढ़ता जा रहा है।ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव और नियमों का पालन सुनिश्चित नहीं किया गया, तो वे आगे भी ट्रांसपोर्टिंग कार्य का विरोध जारी रखेंगे और आंदोलन को और तेज करेंगे। वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
नकाश ट्रांसपोर्टिंग के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध, धूल-प्रदूषण से परेशान लोगों ने रोका ट्रांसपोर्टिंग कार्य
