पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब राज्यपाल C. V. Ananda Bose ने अपने पद से अचानक इस्तीफा दे दिया। उनके इस्तीफे के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाई है। इस्तीफा देने के बाद वे दिल्ली के लिए रवाना हो गए। इस घटनाक्रम के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।बताया जा रहा है कि C. V. Ananda Bose पिछले करीब साढ़े तीन वर्षों से West Bengal के राज्यपाल के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे थे। उनके कार्यकाल के दौरान राज्य में कई राजनीतिक घटनाक्रम हुए और कई मुद्दों पर राज्य सरकार और राजभवन के बीच मतभेद भी सामने आए थे।इस्तीफा देने के बाद उन्होंने समाचार एजेंसी Press Trust of India (पीटीआई) से बातचीत में कहा कि उन्होंने राजभवन में पर्याप्त समय गुजार लिया है। उन्होंने कहा, “मैंने राजभवन में पर्याप्त समय बिताया है,” लेकिन इस्तीफे के पीछे की वजहों को लेकर उन्होंने कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी।सूत्रों के अनुसार, इस्तीफा देने के तुरंत बाद वे दिल्ली के लिए रवाना हो गए, जहां वे केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात कर सकते हैं। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अचानक दिया गया यह इस्तीफा कई सवाल खड़े कर रहा है। वहीं राज्य की सत्ताधारी पार्टी और विपक्ष दोनों ही इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।फिलहाल राज्यपाल के इस्तीफे के बाद अब आगे किसे West Bengal का नया राज्यपाल बनाया जाएगा, इस पर भी चर्चा तेज हो गई है। केंद्र सरकार की ओर से जल्द ही इस बारे में कोई फैसला लिया जा सकता है।
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने दिया इस्तीफा, साढ़े तीन साल तक संभाली जिम्मेदारी
