झारखंड के चतरा जिले में हुए एयर एंबुलेंस हादसे को लेकर एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सामने आई है। इस दर्दनाक हादसे में कुल सात लोगों की जान गई थी, जिनमें एक मरीज और उसके दो अटेंडेंट भी शामिल थे।रिपोर्ट के अनुसार, हादसे का शिकार हुआ रेडबर्ड कंपनी का बीचक्राफ्ट सी-90 विमान ब्लैक बॉक्स से लैस नहीं था। विमान में कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर (CVR) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) मौजूद नहीं थे, क्योंकि मौजूदा नियमों के तहत इसे छूट मिली हुई थी। ऐसे में दुर्घटना के अंतिम पलों की सटीक जानकारी जुटाना जांच एजेंसियों के लिए चुनौती बना हुआ है।जांच में यह भी सामने आया है कि विमान का इमरजेंसी लोकेटर ट्रांसमीटर (ELT) हादसे के समय सक्रिय नहीं हुआ। इसके कारण दुर्घटनास्थल का पता लगाने में देरी हुई और प्रशासन को स्थानीय लोगों से मिली सूचना के आधार पर मलबे तक पहुंचना पड़ा।बताया गया है कि 23 फरवरी को विमान रांची से दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के करीब 23 मिनट बाद ही उसका संपर्क एयर ट्रैफिक कंट्रोल से टूट गया। क्रू की आखिरी बातचीत में कोलकाता एटीसी से फ्लाइट लेवल 140 पर जाने की अनुमति मांगी गई थी, जिसके बाद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली और विमान रडार से गायब हो गया।हैरानी की बात यह है कि विमान का अंतिम निरीक्षण 20 जनवरी 2026 को ही किया गया था। यानी हादसे से महज एक महीने पहले जांच होने के बावजूद यह दुर्घटना हो गई।फिलहाल AAIB की जांच जारी है और अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के सटीक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
चतरा एयर एंबुलेंस हादसा: AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे, ब्लैक बॉक्स नहीं था मौजूद
