
उत्तर प्रदेश के कानपुर में आयोजित सहायक अध्यापक (LT ग्रेड) परीक्षा के दौरान एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। ज्ञान भारती गर्ल्स इंटर कॉलेज स्थित परीक्षा केंद्र पर लखनऊ से परीक्षा देने पहुंची छात्रा नूर फातिमा का परीक्षा में बैठना सिर्फ इसलिए छूट गया, क्योंकि वह नाक में नोज पिन पहने हुई थीं। जानकारी के अनुसार, परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा जांच के दौरान छात्रा को बताया गया कि नियमों के तहत किसी भी प्रकार का मेटल पहनकर परीक्षा देने की अनुमति नहीं है। इसी प्रक्रिया में समय लग गया और जब तक छात्रा को प्रवेश की अनुमति मिलती, तब तक परीक्षा केंद्र का गेट बंद कर दिया गया। इसके चलते छात्रा परीक्षा देने से वंचित रह गई।
छात्रा और उसके परिजनों का कहना है कि नोज पिन कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं था और इसे हटाने में अत्यधिक समय नहीं लगना चाहिए था। उनका आरोप है कि परीक्षा केंद्र प्रशासन की सख्ती और संवेदनशीलता की कमी के कारण छात्रा का पूरा साल खराब हो गया। घटना के बाद परीक्षा केंद्र के बाहर कुछ समय तक अफरा-तफरी का माहौल भी रहा।

वहीं परीक्षा केंद्र से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा पूरी तरह से निर्धारित नियमों के अनुसार कराई गई और प्रवेश समय सीमा समाप्त होने के बाद किसी भी अभ्यर्थी को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती थी। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी परीक्षार्थियों को पहले से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना अनिवार्य था। इस घटना के बाद परीक्षा नियमों की व्यावहारिकता और मानवीय दृष्टिकोण को लेकर सवाल उठने लगे हैं। शिक्षा जगत से जुड़े लोगों का कहना है कि सुरक्षा नियम जरूरी हैं, लेकिन ऐसी परिस्थितियों में अभ्यर्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए लचीलापन भी जरूरी है।
