इमरान खान के ऐलान से पाकिस्तान सरकार में हड़कंप, रावलपिंडी में कड़ी नाकेबंदी


पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर उबाल पर है। तोशाखाना-2 भ्रष्टाचार मामले में अदालत द्वारा 17 साल की सजा सुनाए जाने के बाद इमरान खान के देशव्यापी विरोध प्रदर्शन के ऐलान से पाकिस्तान सरकार में हड़कंप मच गया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए रावलपिंडी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और शहर के कई इलाकों में नाकेबंदी लागू कर दी गई है। शनिवार को एक विशेष अदालत ने इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को तोशाखाना-2 मामले में दोषी ठहराते हुए दोनों को 17-17 साल की कैद की सजा सुनाई। इसके तुरंत बाद इमरान खान ने अपने समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं से सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया। इमरान खान का कहना है कि यह फैसला राजनीति से प्रेरित है और उनके खिलाफ साजिश के तहत कार्रवाई की गई है।
इमरान खान के इस आह्वान के बाद सरकार और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं। रावलपिंडी, जहां सेना का मुख्यालय स्थित है, वहां किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए शनिवार को 1,300 से अधिक पुलिस अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। शहर के प्रमुख चौराहों, संवेदनशील इलाकों और सरकारी इमारतों के आसपास बैरिकेडिंग कर दी गई है। कई सड़कों पर यातायात सीमित कर दिया गया है और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।


सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रशासन को आशंका है कि इमरान खान के समर्थक बड़े पैमाने पर प्रदर्शन कर सकते हैं, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस और अर्धसैनिक बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर भी अस्थायी रोक लगाए जाने की संभावनाओं पर चर्चा चल रही है। पाकिस्तान की राजनीति में पहले से ही अस्थिरता का माहौल है और इमरान खान की सजा ने इस संकट को और गहरा कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में विरोध प्रदर्शन और सरकार के बीच टकराव तेज हो सकता है, जिसका असर पूरे देश की कानून-व्यवस्था और राजनीतिक स्थिरता पर पड़ सकता है। फिलहाल रावलपिंडी समेत कई शहरों में सुरक्षा व्यवस्था सख्त है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

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