
झारखंड की बेटी और रांची जिले के ओरमांझी की रहने वाली 14 वर्षीय फुटबॉलर अनुष्का कुमारी को उनकी असाधारण खेल प्रतिभा और उपलब्धियों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों प्राप्त हुआ। सम्मान मिलने के बाद अनुष्का के हौसले और बुलंद हो गए हैं और उन्होंने इसे अपने जीवन का गर्वपूर्ण क्षण बताया है।अनुष्का कुमारी का चयन भारतीय अंडर-17 महिला फुटबॉल टीम में हुआ है। इस बार झारखंड की प्रतिभा का देशभर में डंका बजा है, क्योंकि राज्य की पांच खिलाड़ियों को अंडर-17 राष्ट्रीय टीम में जगह मिली है। इनमें रांची की दिव्यानी लिंडा, गुमला की अनिता, सूरजमुनी कुमारी, एलिजाबेथ और हजारीबाग में रहकर तैयारी कर रही रांची की अनुष्का कुमारी शामिल हैं।

अनुष्का की सफलता की कहानी संघर्ष और मेहनत की मिसाल है। उनकी मां रीता मुंडा दिहाड़ी मजदूर हैं और परिवार का भरण-पोषण करती हैं। पिता दिनेश मुंडा मजदूरी के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गए थे और पिछले तीन वर्षों से पैर की गंभीर समस्या के कारण घर पर ही हैं। कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद अनुष्का ने कभी हार नहीं मानी। रांची के ओरमांझी गांव की रहने वाली अनुष्का फिलहाल हजारीबाग के आवासीय बालिका खेल छात्रावास में रहकर प्रतिदिन 7 घंटे से अधिक फुटबॉल अभ्यास करती हैं। इसी कड़ी मेहनत का परिणाम है कि उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई।
अनुष्का ने एसएएफएफ महिला चैंपियनशिप 2024 में भूटान के खिलाफ भारत की 7-0 की जीत में हैट्रिक लगाई। वहीं सब-जूनियर नेशनल 2023 में तमिलनाडु के खिलाफ झारखंड की 12-0 की जीत में 7 गोल दागे। इसके अलावा सब-जूनियर टियर-1 प्रतियोगिता में 22 गोल के साथ टॉप स्कोरर रहीं और अंडर-16 एसएएफएफ महिला चैंपियनशिप 2024 में सर्वोच्च गोल स्कोरर का पुरस्कार भी जीता। सम्मान के बाद हजारीबाग पहुंचने पर जिला उपायुक्त, खेल पदाधिकारी, कोच और खेल विभाग के अधिकारियों ने अनुष्का का उत्साहवर्धन किया। अनुष्का ने कहा कि वह आने वाले दिनों में वर्ल्ड कप फुटबॉल में देश के लिए और बेहतर प्रदर्शन करना चाहती हैं। विषम परिस्थितियों में भी मेहनत, लगन और जज्बे के बल पर अनुष्का कुमारी ने यह मुकाम हासिल किया है। उनकी यह उपलब्धि झारखंड ही नहीं, पूरे देश की बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है।
