
बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा और अत्याचार की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला राजधानी ढाका के पास स्थित गाजीपुर जिले के टोंगी इलाके से सामने आया है, जहां चोरी के शक में एक हिंदू भिखारी को भीड़ ने बेरहमी से पीट दिया।.पीड़ित की पहचान सुमन के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शुक्रवार को सुमन पर चोरी का आरोप लगाकर पहले उसकी जमकर पिटाई की गई। इसके बाद उसे एक खंभे से बांध दिया गया और भीड़ ने लगातार उस पर लाठियों और हाथों से हमला किया। घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने न तो पीड़ित को बचाने की कोशिश की और न ही समय पर पुलिस को सूचना दी।.काफी देर तक मारपीट के बाद जब सुमन की हालत बिगड़ गई, तब उसे गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार, उसके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान हैं और उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब बांग्लादेश में हिंदू समुदाय की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। बीते कुछ महीनों में मंदिरों पर हमले, घरों में तोड़फोड़ और हिंदुओं के साथ मारपीट की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा बढ़ रही है, लेकिन प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई का अभाव नजर आता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कानून-व्यवस्था को सख्ती से लागू न करने और भीड़ द्वारा कानून हाथ में लेने की प्रवृत्ति के चलते ऐसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इस मामले में भी स्थानीय प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
