
बांग्लादेश में आगामी तेरहवें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। इसी बीच जमात-ए-इस्लामी और कई निर्दलीय उम्मीदवारों ने चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जमात का आरोप है कि नामांकन पत्रों की जांच के दौरान चुनाव आयोग और रिटर्निंग अधिकारी पक्षपातपूर्ण रवैया अपना रहे हैं और जानबूझकर एक खास राजनीतिक दल, खासतौर पर BNP को फायदा पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।.जमात नेताओं का कहना है कि कई योग्य उम्मीदवारों के नामांकन मामूली तकनीकी कारणों का हवाला देकर रद्द किए जा रहे हैं, जबकि दूसरी ओर कुछ दलों के उम्मीदवारों को नियमों में ढील दी जा रही है। इस मुद्दे को लेकर जमात और निर्दलीय प्रत्याशियों ने चुनाव आयोग कार्यालय का घेराव किया और निष्पक्ष चुनाव की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी नहीं रही, तो लोकतंत्र की साख पर गंभीर सवाल खड़े होंगे।

चुनाव आयोग की ओर से हालांकि आरोपों को खारिज करते हुए कहा गया है कि नामांकन प्रक्रिया पूरी तरह संवैधानिक और नियमों के तहत की जा रही है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी दलों और उम्मीदवारों के साथ समान व्यवहार किया जा रहा है। बावजूद इसके, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे आरोप चुनाव से पहले माहौल को और ज्यादा तनावपूर्ण बना सकते हैं।
फिलहाल बांग्लादेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और आने वाले दिनों में यह विवाद और गहराने की संभावना जताई जा रही है।
