केंद्रीय बजट से पहले ऑटो सेक्टर, खासकर इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) इंडस्ट्री, को सरकार से बड़ी उम्मीदें हैं। जीएसटी में पहले मिली राहत के बाद अब इंडस्ट्री चाहती है कि बजट में ऐसे कदम उठाए जाएं, जिससे इलेक्ट्रिक कारें आम लोगों के लिए और सस्ती हो सकें और उनकी मांग तेजी से बढ़े।EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी बोल्ट.अर्थ के सीईओ और फाउंडर एस. राघव भारद्वाज का कहना है कि सरकार के पास इस बजट में दो बड़े मौके हैं। पहला, यह साफ संदेश देने का कि EV खरीदना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी उसे चार्ज करना भी है।उन्होंने बताया कि फिलहाल इलेक्ट्रिक वाहनों पर 5 प्रतिशत जीएसटी लगता है, जबकि EV चार्जिंग सर्विस पर 18 प्रतिशत टैक्स वसूला जाता है। अगर सरकार चार्जिंग सर्विस पर जीएसटी घटाकर 5 प्रतिशत कर देती है, तो इससे EV यूजर्स का खर्च काफी कम होगा और ज्यादा लोग इलेक्ट्रिक कारों की ओर रुख करेंगे।इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि चार्जिंग सस्ती होने से रेंज एंग्जायटी कम होगी, चार्जिंग नेटवर्क को बढ़ावा मिलेगा और देश में EV को अपनाने की रफ्तार तेज होगी। ऐसे में इस बजट से ऑटो सेक्टर को EV फ्रेंडली नीतियों की पूरी उम्मीद है।
सस्ती इलेक्ट्रिक कारों की उम्मीद! बजट में EV को लेकर बड़े ऐलान की तैयारी
