धनबाद में महिला से कथित अभद्रता का मामला, एफआईआर नहीं होने पर भड़का जनाक्रोश

जिले के गोविंदपुर थाना क्षेत्र से एक गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिजली विभाग के निरसा सब-डिविजन के एसडीओ नीतीश कुमार पर एक महिला के साथ अभद्र व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगा है। आरोप है कि इस मामले में पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज नहीं किए जाने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया, जिसके बाद गुस्साए लोगों ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का काफिला रोक दिया।प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते दिनों बिजली विभाग की ओर से गांव में छापेमारी की कार्रवाई की जा रही थी। इसी क्रम में एसडीओ नीतीश कुमार अपनी टीम के साथ एक घर पहुंचे। शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि उस समय घर में एक महिला स्नान कर रही थी। महिला ने कपड़े बदलने के लिए समय मांगा, लेकिन एसडीओ द्वारा उसे समय नहीं दिया गया और जबरन गेट तोड़कर घर में प्रवेश कर छापेमारी की कार्रवाई जारी रखी गई। इस घटना से महिला की गरिमा को ठेस पहुंची और पूरे गांव में आक्रोश फैल गया।घटना के बाद ग्रामीणों और बिजली विभाग की टीम के बीच तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। आक्रोशित महिलाओं ने एसडीओ को पकड़कर गोविंदपुर थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया। हालांकि ग्रामीणों का आरोप है कि थाना प्रभारी विष्णु राउत ने महिला की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार कर दिया, जबकि बिजली विभाग की ओर से दी गई शिकायत पर तुरंत मामला दर्ज कर लिया गया। पुलिस की इस कथित एकतरफा कार्रवाई से ग्रामीणों में नाराजगी और बढ़ गई।इसी आक्रोश के तहत ग्रामीणों ने रांची से अपने गृह क्षेत्र की ओर जा रहे स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के काफिले को गोविंदपुर–साहिबगंज मुख्य मार्ग पर पूर्वी टुंडी के शंकरडीह इलाके में रोक दिया। ग्रामीणों ने मंत्री को पूरी घटना से अवगत कराया और न्याय की मांग की।मामले की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने मौके पर ही प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए और मीडिया से बातचीत में कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ पदाधिकारी विपक्ष के इशारे पर सरकार की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। मंत्री ने आरोप लगाया कि संबंधित एसडीओ वर्षों से एक ही पद पर जमे हुए हैं और उनके खिलाफ पहले भी वसूली और धमकी देने जैसे आरोप लगते रहे हैं। अब महिला की गरिमा भंग करने जैसा गंभीर आरोप सामने आया है, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि उन्होंने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए धनबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को स्पष्ट निर्देश दिया है कि दोनों पक्षों की प्राथमिकी दर्ज की जाए और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए। मंत्री ने कहा कि दोषी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा और सख्त कार्रवाई की जाएगी।स्वास्थ्य मंत्री के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन हरकत में आया है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस और बिजली विभाग इस संवेदनशील मामले में आगे क्या कार्रवाई करते हैं और पीड़ित महिला को कब न्याय मिलता है।

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