
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10वीं और 12वीं के प्रैक्टिकल एग्जाम 2026 को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी है। बोर्ड द्वारा जारी यह निर्देश CBSE से संबद्ध सभी स्कूलों पर अनिवार्य रूप से लागू होंगे। बोर्ड ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि प्रैक्टिकल परीक्षा को हल्के में न लिया जाए, क्योंकि इसका सीधा असर छात्रों के फाइनल रिजल्ट पर पड़ेगा।

CBSE के अनुसार, प्रैक्टिकल परीक्षा छात्रों के आंतरिक मूल्यांकन का अहम हिस्सा है। स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से प्रैक्टिकल एग्जाम आयोजित करें। वहीं छात्रों को भी पूरे अनुशासन और तैयारी के साथ परीक्षा में शामिल होने की सलाह दी गई है। बोर्ड ने यह भी कहा है कि प्रैक्टिकल में लापरवाही या अनुपस्थिति की स्थिति में छात्रों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। बोर्ड ने अभिभावकों से भी अपील की है कि वे बच्चों को प्रैक्टिकल एग्जाम की गंभीरता समझाएं और समय पर तैयारी सुनिश्चित करें। CBSE का मानना है कि थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल ज्ञान छात्रों की समझ और कौशल को बेहतर बनाता है, इसलिए इसका मूल्यांकन बेहद जरूरी है।
