
अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में चीन ने एक अहम उपलब्धि हासिल की है। चीन के अंतरिक्ष स्टेशन पर भेजी गई एक मादा चूहिया पृथ्वी पर लौटने के बाद मां बनी है और उसने 9 स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया है। यह प्रयोग शेनझोउ-21 मिशन के तहत किया गया था, जिसमें मादा चूहिया ने करीब दो हफ्ते तक माइक्रोग्रैविटी (शून्य गुरुत्वाकर्षण) वातावरण में समय बिताया।.इस प्रयोग की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अंतरिक्ष में रहने के बावजूद मादा चूहिया की प्रजनन क्षमता पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा। यह अध्ययन भविष्य में इंसानों के मंगल और चंद्रमा मिशनों के लिए प्रजनन की संभावनाओं को लेकर नई उम्मीद जगाता है।

चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेज की रिसर्चर वांग होंगमेई ने बताया कि यह प्रयोग साबित करता है कि छोटी अवधि की अंतरिक्ष यात्रा से चूहों की प्रजनन क्षमता प्रभावित नहीं होती। उन्होंने कहा कि इससे पहले के प्रयोगों में स्पेस से लौटे नर चूहों के स्पर्म का इस्तेमाल कर पृथ्वी पर अंडों को फर्टिलाइज किया गया था, लेकिन इस बार पहली बार पूरी मादा चूहिया को अंतरिक्ष में भेजा गया।.खास बात यह रही कि मादा चूहिया अंतरिक्ष से गर्भवती अवस्था में लौटी और बाद में जमीन पर उसने स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह अध्ययन लंबी अंतरिक्ष यात्राओं के दौरान जीवन के संरक्षण और मानव भविष्य की योजनाओं के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। फिलहाल वैज्ञानिक इस प्रयोग से जुड़े अन्य जैविक पहलुओं का भी अध्ययन कर रहे हैं, ताकि यह समझा जा सके कि माइक्रोग्रैविटी का स्तनधारियों के शरीर और प्रजनन प्रणाली पर दीर्घकालिक प्रभाव क्या हो सकता है।
