नई दिल्ली:भारत–अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर उठ रहे सवालों के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि किसानों और डेयरी सेक्टर के हितों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया गया है। सरकार ने साफ शब्दों में कहा कि ये दोनों क्षेत्र देश के लिए संवेदनशील हैं और व्यापार समझौते में इनकी पूरी तरह से सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।सरकारी बयान में बताया गया कि भारत–अमेरिका ट्रेड डील के तहत कृषि और डेयरी उत्पादों को लेकर कोई ऐसी शर्त स्वीकार नहीं की गई है, जिससे देश के किसानों या दुग्ध उत्पादकों को नुकसान पहुंचे। सरकार ने दोहराया कि किसानों के हित सर्वोपरि हैं और इस मुद्दे पर किसी भी दबाव में आने का सवाल ही नहीं उठता।इसके साथ ही सरकार ने ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भी अपनी नीति स्पष्ट की है। बयान के अनुसार, भारत रणनीतिक जरूरतों और अंतरराष्ट्रीय दरों को ध्यान में रखते हुए कच्चे तेल की खरीद करेगा। यदि किसी देश पर प्रतिबंध नहीं है तो भारत वेनेजुएला समेत अन्य देशों से भी कच्चा तेल खरीदने के विकल्प पर विचार करेगा। सरकार का कहना है कि ऊर्जा खरीद पूरी तरह से आर्थिक हितों और वैश्विक परिस्थितियों के आधार पर तय की जाएगी।सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत की विदेश और व्यापार नीति संतुलित है, जिसमें घरेलू हितों की रक्षा के साथ-साथ वैश्विक साझेदारी को भी महत्व दिया जाता है। भारत–अमेरिका व्यापार समझौते को इसी दृष्टिकोण से आगे बढ़ाया गया है, ताकि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो और किसानों, उपभोक्ताओं व उद्योगों के हित सुरक्षित रहें।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर सरकार की सफाई, किसानों के हित सर्वोपरि
