दादा कहते थे ‘यहां खजाना है’, किसी ने नहीं माना… पोते ने खुदाई की तो निकला सदियों पुराना खजाना!

कई बार बुज़ुर्गों की बातें किस्से-कहानियां लगती हैं, लेकिन कभी-कभी वही बातें इतिहास बन जाती हैं। ऐसा ही चौंकाने वाला मामला पोलैंड से सामने आया है, जहां एक पोते ने अपने दादा की बातों पर भरोसा किया और खुदाई शुरू कर दी। नतीजा ऐसा निकला कि देखने वालों की आंखें फटी की फटी रह गईं।पोलैंड के 69 वर्षीय जान ग्लाजेव्स्की (Jan Glazewski) ने वह कर दिखाया, जिसे लोग सालों तक सिर्फ कहानी मानते रहे। दरअसल, दूसरे विश्व युद्ध के दौरान उनके दादा एडम ग्लाजेव्स्की ने अपनी जान बचाने के लिए परिवार की हवेली छोड़ दी थी। जाने से पहले उन्होंने अपने कीमती सोने के सिक्के, चांदी के बर्तन और जेवर जमीन में दबा दिए थे।युद्ध खत्म हुआ, हवेली खंडहर बन गई, लेकिन खजाना वहीं दफन रह गया। दिलचस्प बात यह है कि जान के पिता गुस्ताव ग्लाजेव्स्की ने उस खजाने तक पहुंचने के लिए एक नक्शा तैयार किया था, जिसे उन्होंने जीवन भर संभालकर रखा।साल 2025 में जान ने आखिरकार उस नक्शे पर भरोसा किया और यूक्रेन-पोलैंड सीमा के पास स्थित उस खंडहर में खुदाई शुरू की। शुरुआत में कुछ नहीं मिला, लेकिन जैसे ही खुदाई गहरी हुई — मिट्टी के नीचे से चमकता हुआ इतिहास बाहर आने लगा।खुदाई में सोने के पुराने सिक्के, चांदी के शाही बर्तन और कई कीमती धातुएं बरामद हुईं। जान के मुताबिक ये सिक्के 19वीं और 20वीं सदी के हैं, जिनकी कीमत आज अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों डॉलर आंकी जा रही है।जान ने कहा,”यह सिर्फ खजाना नहीं है, बल्कि मेरे पूर्वजों की मेहनत, संघर्ष और यादें हैं। यह मेरे परिवार का इतिहास है।”इस अनोखी खोज के बाद सोशल मीडिया पर लोग इसे “रियल लाइफ ट्रेजर हंट” कह रहे हैं और दादा की बात पर भरोसा करने वाले पोते की जमकर तारीफ कर रहे हैं।

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