गणतंत्र दिवस 2026 को लेकर राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर तक मजबूत कर दिया गया है। देश की शान माने जाने वाले कर्तव्य पथ और परेड मार्ग को पूरी तरह हाईटेक सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। किसी भी तरह की चूक से बचने के लिए इस बार आधुनिक तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कर्तव्य पथ और उसके आसपास के इलाकों में 1000 से अधिक हाई-डेफिनिशन CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जो 24 घंटे निगरानी करेंगे। इन कैमरों को सीधे कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है, जहां सुरक्षा एजेंसियां हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए रखेंगी। इसके साथ ही फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (Facial Recognition System) को भी एक्टिव कर दिया गया है, जिससे संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान चंद सेकंड में की जा सकेगी। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, इस बार का सुरक्षा प्लान पहले से कहीं ज्यादा सख्त और तकनीकी रूप से मजबूत है। परेड रूट पर आने-जाने वाले हर व्यक्ति की गहन जांच की जाएगी। प्रवेश बिंदुओं पर मेटल डिटेक्टर, बॉडी स्कैनर और एंटी-सबोटाज टीमें तैनात की गई हैं। इसके अलावा ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम की मदद से आसमान से भी निगरानी की जा रही है। दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक बलों और खुफिया एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। राजधानी के प्रमुख इलाकों, मेट्रो स्टेशनों, रेलवे स्टेशनों और बस टर्मिनलों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि गणतंत्र दिवस समारोह को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराना प्राथमिकता है। आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे सुरक्षा जांच में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। देश की आन-बान-शान से जुड़े इस राष्ट्रीय पर्व को लेकर राजधानी पूरी तरह सतर्क मोड में है और कर्तव्य पथ हाईटेक सुरक्षा का मजबूत किला बन चुका है।
गणतंत्र दिवस 2026 को लेकर राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर तक मजबूत
