शहीद शेख भिखारी एवं टिकैत उमरांव सिंह की शहादत दिवस का हुआ सफल आयोजन

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चतरा : टंडवा प्रखंड के गाड़िलौंग पंचायत के कामता गांव में बुधवार को शहीद शेख भिखारी और शहीद टिकैत उमरांव सिंह का शहादत दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस कार्यक्रम में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री और खाद्य आपूर्ति विभाग के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और पूर्व श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जिनके आगमन ने इस आयोजन में चार चाँद लगा दिए। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद शेख भिखारी और शहीद टिकैत उमरांव सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित करने के बाद दीप प्रज्वलित कर की गई। इसके पश्चात, आयोजन समिति द्वारा मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों का माला पहनाकर स्वागत किया गया। इस दौरान शहीदों के सम्मान में सभी ने एकजुट होकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्य अतिथि डॉ. इरफान अंसारी का संबोधन

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ. इरफान अंसारी ने शहीद शेख भिखारी और शहीद टिकैत उमरांव सिंह की शहादत को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि इन महान स्वतंत्रता सेनानियों ने देश की आजादी के लिए अपनी जान की आहुति दी। हालांकि, उनके योगदान को सही सम्मान नहीं मिल पाया। डॉ. अंसारी ने टंडवा की बढ़ती पहचान का जिक्र करते हुए कहा कि अब यह क्षेत्र राष्ट्रीय स्तर पर पहचाना जा चुका है, क्योंकि यहां एनटीपीसी और सीसीएल जैसी बड़ी परियोजनाएं संचालित हो रही हैं। इन परियोजनाओं के विकास में हजारों रैयतों ने अपनी पूर्वजों की ज़मीन दी है, लेकिन कंपनियों ने रैयतों को उनका सही हक नहीं दिया है, जो कि चिंताजनक विषय है।

डॉ. इरफान अंसारी ने अफसोस जताते हुए कहा कि पिछले अठारह वर्षों तक भाजपा की सरकार रही, जिसके कारण ग्रामीणों के साथ अन्याय हुआ। लेकिन अब झारखंड में ‘अबुआ सरकार’ है, जो गरीबों, पिछड़ों और सामान्य वर्ग के कल्याण के लिए काम कर रही है। उन्होंने कंपनियों से चेतावनी दी कि रैयतों के हित में काम करें और झारखंड सरकार के नियमानुसार साठ प्रतिशत रोजगार सुनिश्चित करें, अन्यथा इसके परिणाम भुगतने होंगे। साथ ही, उन्होंने स्थानीय प्रशासन से अपील की कि वे ग्रामीणों के साथ समन्वय स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान करें।

पूर्व मंत्री सत्यानंद भोक्ता का योगदान

पूर्व मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने झारखंड सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने मुफ्त बिजली, मईया सम्मान योजना, साबित्री फुलीबाई छात्रवृत्ति योजना जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए बताया कि ये योजनाएं ग्रामीणों की स्थिति में सुधार लाने के लिए कारगर साबित हो रही हैं। आयोजन की अध्यक्षता कर रहे मो. शईद अंसारी ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से युवाओं को प्रेरणा मिलती है। उन्होंने बताया कि शहीद शेख भिखारी को युवा अवस्था में ही राजा का दीवान घोषित किया गया था और उनकी कुर्बानी को कभी नहीं भुलाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस आयोजन को हर साल मनाया जाएगा ताकि आने वाली पीढ़ियों को शहीदों के बलिदान के बारे में जानकारी मिल सके।

समाजसेवी सुभान मियां ने बताया कि इस आयोजन से टंडवा के युवाओं को मार्गदर्शन मिलेगा। जो युवा नशे की ओर बढ़ रहे हैं, उन्हें इस प्रकार के आयोजनों से प्रेरणा मिलेगी और वे अपनी जीवनशैली में बदलाव लाएंगे। इस कार्यक्रम में कई गणमान्य व्यक्ति और समाजसेवी उपस्थित थे, जिनमें ऑल इंडिया मोमिन कॉन्फ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष हाजी मंजूर अहमद अंसारी, मोमिन कॉन्फ्रेंस के प्रदेश अध्यक्ष आबिद अली, जीप सदस्य सुभाष यादव, मुखिया सबिदा खातून, मुखिया विश्वजीत उरांव, रबिन्द्र सिंह, गुंजन सिंह, नवल यादव, डॉ. फहीम अहमद, हाजी सेराजुद्दीन अंसारी, अबदुल्ला अंसारी, अमनुल्ला अंसारी, हाजी जैनुल अबेदिन अंसारी, मौलाना अब्दुल्ला, अजहर कास्मी, राजी अहमद, नूर मोहम्मद, खुर्शीद अंसारी राम, नीरज तिवारी और रौशन अंसारी ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

इस आयोजन से शहीद शेख भिखारी और शहीद टिकैत उमरांव सिंह की शहादत को न केवल श्रद्धांजलि दी गई, बल्कि यह भी संदेश दिया गया कि उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जाएगा और आने वाली पीढ़ियों को उनके संघर्ष से प्रेरणा मिलेगी।

Om prakash kumar

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