बिहार की राजधानी पटना स्थित एम्स (AIIMS) जल्द ही मेडिकल टूरिज्म का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। एम्स प्रशासन सार्क और गल्फ देशों से आने वाले मरीजों के लिए नई पॉलिसी तैयार कर रहा है, जिससे विदेशी मरीजों को बेहतर और सुलभ इलाज उपलब्ध कराया जा सके।जानकारी के अनुसार, पटना एम्स में देश के बड़े निजी अस्पतालों की तुलना में काफी कम लागत पर विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इस पहल का उद्देश्य न केवल विदेशों से मरीजों को आकर्षित करना है, बल्कि बिहार को अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवाओं के मानचित्र पर स्थापित करना भी है।यह योजना केंद्र सरकार के ‘हीलिंग इन इंडिया’ मिशन के तहत लागू की जा रही है। इसके अंतर्गत अस्पताल में विदेशी मरीजों के लिए विशेष काउंटर, उपचार प्रक्रिया को सरल बनाने की व्यवस्था और आवश्यक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।अधिकारियों का कहना है कि नई पॉलिसी लागू होने के बाद पटना एम्स दक्षिण एशिया और खाड़ी देशों के मरीजों के लिए एक प्रमुख चिकित्सा गंतव्य बन सकता है, जिससे राज्य की छवि और स्वास्थ्य सेवाओं दोनों को मजबूती मिलेगी।
