उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने पूरे देश में 32 फेक यूनिवर्सिटी की पहचान की है और छात्रों को इन संस्थानों में प्रवेश न लेने की सख्त चेतावनी जारी की है। आयोग के अनुसार ये संस्थान बिना वैध मान्यता के डिग्री प्रदान कर रहे हैं, जिनकी कोई शैक्षणिक या कानूनी मान्यता नहीं होती।यूजीसी द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक सबसे अधिक फेक यूनिवर्सिटी दिल्ली में पाई गई हैं, जिसके बाद अन्य राज्यों में भी ऐसे संस्थानों का नेटवर्क सक्रिय होने की बात सामने आई है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इन संस्थानों से प्राप्त डिग्री नौकरी, उच्च शिक्षा या सरकारी सेवाओं के लिए मान्य नहीं होती, जिससे छात्रों का समय, पैसा और भविष्य तीनों प्रभावित हो सकते हैं।पिछले दो वर्षों में फेक यूनिवर्सिटी की संख्या 20 से बढ़कर 32 हो जाना शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से छात्रों को आकर्षित करने के लिए ये संस्थान झूठे विज्ञापन, फर्जी मान्यता और कम फीस का लालच देते हैं।यूजीसी ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि किसी भी संस्थान में प्रवेश लेने से पहले उसकी मान्यता की आधिकारिक वेबसाइट पर जांच अवश्य करें। आयोग ने यह भी कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता बनाए रखने और फर्जी संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
देशभर में 32 फेक यूनिवर्सिटी पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की बड़ी कार्रवाई, छात्रों को एडमिशन से दूर रहने की चेतावनी
