
उन्नाव दुष्कर्म मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा दी गई जमानत को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए उस पर रोक लगा दी है। सर्वोच्च न्यायालय के इस आदेश से सेंगर को तत्काल राहत नहीं मिल पाई है। दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की रोक
दरअसल, दिल्ली हाईकोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत याचिका को स्वीकार कर उन्हें राहत दी थी। इस फैसले को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। CBI की याचिका पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है।

सेंगर को जारी हुआ नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में कुलदीप सिंह सेंगर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अदालत ने पूर्व विधायक को अपना पक्ष रखने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। सेंगर को अगले 7 दिनों के भीतर जवाब दाखिल करना होगा।
CBI ने जताई आपत्ति
CBI की ओर से दलील दी गई कि उन्नाव दुष्कर्म मामला बेहद संवेदनशील और गंभीर प्रकृति का है। ऐसे में दोषी करार दिए जा चुके आरोपी को जमानत देना न्याय और पीड़िता के अधिकारों के खिलाफ होगा। इसी आधार पर हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई।
राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद एक बार फिर यह मामला राजनीतिक और कानूनी बहस का केंद्र बन गया है। पीड़िता के पक्षधर संगठनों ने फैसले का स्वागत किया है, जबकि मामले पर आगे की सुनवाई को लेकर सबकी निगाहें अब शीर्ष अदालत पर टिकी हैं।
आगे की सुनवाई अहम
अब सुप्रीम कोर्ट में कुलदीप सिंह सेंगर के जवाब के बाद इस मामले की विस्तृत सुनवाई होगी। तब तक के लिए जमानत पर रोक बरकरार रहेगी।
