ट्रेन यात्रा को भारत की लाइफलाइन कहा जाता है। रोजाना लाखों लोग नौकरी, पढ़ाई, इलाज, रिश्तेदारों से मिलने या किसी जरूरी काम से ट्रेन से सफर करते हैं। लेकिन लंबे सफर में कभी-कभी ऐसी स्थिति बन जाती है, जब यात्री को पता ही नहीं चलता और उसका स्टेशन निकल जाता है। कई बार अचानक इमरजेंसी आ जाती है या मेडिकल वजह से आगे जाना पड़ता है। ऐसी हालत में सबसे बड़ा डर यही रहता है कि कहीं बिना टिकट यात्रा का जुर्माना न भरना पड़ जाए।अक्सर लोग सोचते हैं कि स्टेशन निकल जाने के बाद आगे की यात्रा करना गैरकानूनी है और अब उन्हें भारी जुर्माना भरना ही पड़ेगा। लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है। रेलवे नियमों के तहत एक पूरी तरह कानूनी और आसान तरीका मौजूद है, जिससे यात्री अपना टिकट आगे के स्टेशन तक बढ़वा सकता है और जुर्माने से बच सकता है।हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे इंस्टाग्राम पर @railsangam9 नाम के यूजर ने शेयर किया है। इस वीडियो में नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे के अलीपुरद्वार डिवीजन के एक डिप्टी चीफ टिकट इंस्पेक्टर यात्रियों को टिकट बढ़ाने की सही प्रक्रिया समझाते नजर आ रहे हैं। वीडियो में अधिकारी साफ तौर पर बताते हैं कि अगर किसी यात्री को अपने तय गंतव्य से आगे जाना हो, तो उसे सबसे पहले ट्रेन में मौजूद TTE (Travelling Ticket Examiner) से संपर्क करना चाहिए।मान लीजिए किसी यात्री का टिकट लखनऊ तक का है, लेकिन उसे किसी वजह से दिल्ली तक जाना पड़ गया। ऐसी स्थिति में यात्री को लखनऊ स्टेशन आने से पहले ही टीटीई को इसकी जानकारी देनी चाहिए। टीटीई सबसे पहले यह चेक करता है कि आगे की यात्रा के लिए उस कोच या ट्रेन में सीट उपलब्ध है या नहीं। अगर सीट उपलब्ध होती है, तो टीटीई नियमों के तहत टिकट आगे के स्टेशन तक बढ़ा सकता है।अगर यात्री एसी कोच में सफर कर रहा है, तो टीटीई लखनऊ से दिल्ली तक का किराया लेकर नया टिकट जारी करता है। वहीं अगर यात्री स्लीपर क्लास में यात्रा करना चाहता है, तो उसे केवल टिकट का किराया देना होगा, GST नहीं देना पड़ेगा। हालांकि इसके लिए जरूरी है कि यात्री अपने स्टेशन से एक स्टेशन पहले ही टीटीई से संपर्क कर ले। अगर सीट उपलब्ध नहीं होती, तो टिकट बढ़ाना संभव नहीं होता।रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, टिकट बढ़ाने की यह प्रक्रिया कोई ऑटोमैटिक सिस्टम नहीं है। यह पूरी तरह सीट की उपलब्धता और टीटीई की अनुमति पर निर्भर करती है। अगर कोई यात्री बिना जानकारी दिए आगे की यात्रा करता है, तो उसे बिना टिकट यात्रा माना जाएगा और उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है।टीटीई द्वारा दिया गया नया टिकट या रसीद संभालकर रखना भी बेहद जरूरी होता है, ताकि आगे किसी जांच के दौरान कोई परेशानी न हो। यह जानकारी उन यात्रियों के लिए बेहद काम की है, जिनकी यात्रा योजनाएं अचानक बदल जाती हैं।इसलिए अगली बार अगर नींद के कारण स्टेशन निकल जाए या किसी इमरजेंसी में आगे जाना पड़े, तो घबराएं नहीं। नियमों का पालन करते हुए तुरंत टीटीई से बात करें और कानूनी तरीके से टिकट बढ़वाएं। सही जानकारी और समय पर लिया गया फैसला आपके सफर को न सिर्फ सुरक्षित बनाएगा, बल्कि बेवजह के जुर्माने से भी बचाएगा।
नींद आ गई, स्टेशन निकल गया? घबराएं नहीं! TTE ने बताया टिकट आगे बढ़ाने का कानूनी तरीका, नहीं देना होगा जुर्माना
