
हजारीबाग पुलिस ने एक बार फिर अपनी मुस्तैदी और पेशेवर कार्यशैली का परिचय देते हुए जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा, हजारीबाग से फरार हुए तीन कुख्यात कैदियों को महाराष्ट्र के सोलापुर जिले से गिरफ्तार कर लिया है। 31 दिसंबर 2025 की रात जेल से हुई इस सनसनीखेज फरारी ने पूरे प्रशासन को सतर्क कर दिया था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीमों का गठन किया गया और तकनीकी व मानवीय साक्ष्यों के आधार पर गहन जांच शुरू की गई।

जांच में सामने आया कि तीनों सजायाफ्ता कैदियों ने पहले से तैयार साजिश के तहत जेल की खिड़की काटी और रस्सियों की मदद से दीवार फांदकर फरार हो गए। इसके बाद वे अलग-अलग स्थानों पर छिपते हुए ट्रेन और अन्य साधनों से कई राज्यों की सीमाएं पार करते रहे। पुलिस टीम ने लगातार उनके मूवमेंट पर नजर रखी और आखिरकार महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में उन्हें दबोचने में सफलता हासिल की।

गिरफ्तारी के बाद तीनों कैदियों को ट्रांजिट रिमांड पर हजारीबाग लाया गया है। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए सभी आरोपी गंभीर आपराधिक मामलों में सजा काट रहे थे और उनके खिलाफ पहले से लंबा आपराधिक इतिहास दर्ज है। हजारीबाग पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अपराध नियंत्रण, जेल सुरक्षा और त्वरित उद्भेदन को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस सफल कार्रवाई से न सिर्फ फरारी की गुत्थी सुलझी है, बल्कि पुलिस की सक्रियता और प्रतिबद्धता भी एक बार फिर साबित हुई है।
