
तनाव के बीच कूटनीतिक संकेत: एस जयशंकर की बांग्लादेश यात्रा में यूनुस से नहीं हुई मुलाकात भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में जारी तनाव के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर की हालिया बांग्लादेश यात्रा को लेकर एक अहम कूटनीतिक संकेत सामने आया है। दौरे के दौरान जयशंकर ने बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस से कोई औपचारिक या अनौपचारिक मुलाकात नहीं की। कूटनीतिक हलकों में इस घटनाक्रम को दोनों देशों के संबंधों के मौजूदा समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, जयशंकर की यात्रा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत हुई, जिसमें उन्होंने बांग्लादेश के अन्य वरिष्ठ नेताओं और अधिकारियों से बातचीत की, लेकिन मुख्य सलाहकार यूनुस से मुलाकात न होना कई सवाल खड़े कर रहा है। हाल के महीनों में सीमा सुरक्षा, राजनीतिक बयानबाजी और क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर भारत-बांग्लादेश संबंधों में कुछ तल्खी देखी गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम महज औपचारिकता नहीं, बल्कि एक संतुलित कूटनीतिक संदेश भी हो सकता है। भारत जहां अपने पड़ोसी देशों के साथ संवाद बनाए रखने की नीति पर कायम है, वहीं वह संवेदनशील मुद्दों पर अपने रुख को भी स्पष्ट कर रहा है।
जयशंकर की इस यात्रा को भविष्य की कूटनीति के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है, जो यह दर्शाता है कि दोनों देशों के रिश्तों में संवाद जारी है, लेकिन कुछ स्तरों पर दूरी भी बनी हुई है।
