गर्व और गौरव के पल : राष्ट्रपति से प्रशंसित सोहराई कलाकार मानिकचंद हुए सम्मानित

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संस्कृति संग्रहालय, आर्ट गैलरी और जन जागरण केंद्र ने किया सम्मान समारोह का आयोजन हजारीबाग में फ्रांसीसी मेहमानों का भव्य स्वागत


हजारीबाग। संग्रहालय, आर्ट गैलरी और जन जागरण केंद्र ने सम्मान समारोह आयोजित कर राष्ट्रपति से प्रशंसित सोहराई कलाकार मानिकचंद को सम्मानित किया। सम्मान समारोह का आयोजन तीन नवंबर को तीन दिवसीय दौरे के समापन के अवसर पर किया गया। सम्मान समारोह में पद्मश्री बुलू इमाम, जन जागरण केंद्र के सचिव संजय सिंह, गुस्ताव इमाम, अलका इमाम और एडम इमाम उपस्थित थे। यहां 12 फ्रांसीसी मेहमानों का भव्य स्वागत भी किया गया। कार्यक्रम में फ्रांस, नई दिल्ली और रांची के टूर ऑपरेटरों के साथ-साथ सोहराई कला महिला सहयोग समिति की महिला कलाकार भी उपस्थित थीं।

उल्लेखनीय हैं कि सोहराई कलाकार माणिकचंद को हाल ही में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने सम्मानित किया था। माणिकचंद को सोहराई कला में उनके असाधारण योगदान के लिए सम्मानित किया गया है। माणिकचंद अपनी माता सजवा देवी और पिता मुंशी महतो को इसके लिए प्रेरणा मानते हैं। फ्रांसीसी टीम ने उड़िया, भेलवाड़ा, लुकियाया, केंदवा टोली, जोराकाठ और इस्को रॉकआर्ट जैसे विभिन्न गांवों का दौरा किया और कला के रूप और भारतीय संस्कृति में इसके महत्व के लिए अपनी सराहना व्यक्त की। झारखंड के हज़ारीबाग़ जिले में जन्मी सोहराई कला को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को सोहराई पेंटिंग उपहार के रूप में भेट कर इस कला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। सोहराई फसल उत्सव के दौरान बनाई गई यह पारंपरिक कला मानव और प्रकृति के बीच सामंजस्य का प्रतीक है। इस कार्यक्रम में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और बढ़ावा देने और देश के कलात्मक परिदृश्य में सोहराई कला के महत्व पर प्रकाश डाला गया। सम्मान समारोह मानिकचंद की असाधारण प्रतिभा और आदिवासी कला की दुनिया में उनके योगदान की सराहना और मान्यता का एक प्रमाण है।

Amarnath Pathak

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