
उन्नाव रेप केस में दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा दिए गए हालिया आदेश के बाद पीड़िता ने गहरा दर्द और आक्रोश जताया है। पीड़िता का कहना है कि अदालत में पूरी सुनवाई अंग्रेज़ी से अंग्रेज़ी में हुई, जिसकी वजह से वह कार्यवाही को ठीक से समझ ही नहीं सकीं। पीड़िता ने कहा कि आरोपी को जमानत मिलने की खबर ने उन्हें पूरी तरह तोड़ दिया। उन्होंने इसे अपने साथ-साथ देश की हर बेटी के आत्मविश्वास पर चोट बताया। पीड़िता का कहना है कि न्याय प्रक्रिया से उन्हें जिस सुरक्षा और भरोसे की उम्मीद थी, वह कमजोर होती नजर आ रही है।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि जमानत के बाद उनकी सुरक्षा हटा ली गई, जिससे उन्हें दोबारा डर और असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही उन्होंने पुलिस पर भी दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्हें सहयोग के बजाय अनदेखी का सामना करना पड़ा।

दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले पर निराशा जताते हुए पीड़िता ने साफ कहा कि वह इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगी। उन्होंने कहा कि यह फैसला केवल उनका नहीं, बल्कि उन तमाम महिलाओं और बेटियों की हिम्मत तोड़ने वाला है, जो न्याय की आस में अदालत का दरवाजा खटखटाती हैं। पीड़िता के बयान के बाद यह मामला एक बार फिर न्यायिक प्रक्रिया की भाषा, पीड़ितों की समझ और उनकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर किए जाने की तैयारी चल रही है।
