रांची (झारखंड) से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जो आज देशभर की सुर्खियों में छाया हुआ है। रांची के ओरमांझी थाना में पुलिस ने जब्त किए गए लगभग 200 किलो गांजे के बारे में अदालत में जो दावा पेश किया, वह बेहद असामान्य रहा और इसी वजह से आरोपी को अदालत ने बरी कर दिया। �

यहाँ पूरा सच और घटनाक्रम:
2022 में ओरमांझी थाना पुलिस को गुप्त जानकारी मिली कि एक सफेद बोलेरो गाड़ी में भारी मात्रा में मादक पदार्थ (गांजा) ले जाया जा रहा है। जांच के दौरान पुलिस ने उस गाड़ी को रोका और करीब 200 किलो गांजा बरामद किया। आरोपी इंद्रजीत राय (26 वर्ष) को एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार कर चार्जशीट दाखिल की गई।

जब यह मामला अदालत में सबूत के रूप में पेश किया जाना था, तो सबूतों में गंभीर खामियाँ सामने आईं —
🔹 पुलिस गांजा पेश नहीं कर सकी।
🔹 रिकॉर्ड में कई विरोधाभास थे।
🔹 गवाह बयान, घटनाक्रम और जांच की विश्वसनीयता पर सवाल उठे।
🔹 सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि पुलिस ने अदालत को बताया कि थाने के मालखाने में रखे 200 किलो गांजे को चूहे खा गए।
अदालत ने इसे सबूतों की सुरक्षा में गंभीर लापरवाही माना और कहा कि जब्त मादक पदार्थों की सुरक्षा पुलिस की जिम्मेदारी होती है। इसलिए आरोपी को सभी ाओं से बरी कर दिया गया।
यह मामला न केवल पुलिस के सबूत प्रबंधन पर सवाल उठाता है, बल्कि मीडिया एवं जनता के बीच भी गहन चर्चा का विषय बना हुआ है।
