
बेटे की चाह में एक महिला की 11वीं बार डिलीवरी होने का मामला हरियाणा के जींद जिले के उचाना से सामने आया है, जिसने समाज में एक बार फिर बेटे-बेटी के भेद और सोच पर बहस छेड़ दी है। महिला की पहले से 10 बेटियां हैं और अब 11वीं डिलीवरी में उसने बेटे को जन्म दिया है। बेटे के जन्म की खबर मिलते ही परिवार में खुशी का माहौल बन गया और निजी अस्पताल को सजाया गया।
परिजनों के अनुसार, यह डिलीवरी सामान्य तरीके से हुई, हालांकि महिला के शरीर में केवल पांच ग्राम खून था, जिस कारण डिलीवरी को जोखिम भरा माना जा रहा था। इसके बावजूद डॉक्टरों की सतर्कता और देखरेख में सुरक्षित प्रसव कराया गया। निजी अस्पताल की महिला डॉक्टर ने बताया कि स्थिति गंभीर जरूर थी, लेकिन समय पर इलाज और सावधानी से नॉर्मल डिलीवरी संभव हो पाई।

महिला के पति ने बताया कि उनकी शादी 19 साल पहले हुई थी और उनकी सबसे बड़ी बेटी 12वीं कक्षा में पढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जब पत्नी को डिलीवरी के लिए अस्पताल ले जाया गया तो दिल बहुत तेज धड़क रहा था, लेकिन बेटे के जन्म की खबर मिलते ही आंखों से खुशी के आंसू निकल आए। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपनी 10 बेटियों की परवरिश कर रहे हैं। इस पूरे मामले का वीडियो एक महिला पत्रकार ने अस्पताल में जाकर रिकॉर्ड किया और सोशल मीडिया पर साझा किया, जो तेजी से वायरल हो गया। वीडियो के दौरान जब पत्रकार ने पिता से 10 बेटियों के नाम पूछे, तो वह दो बेटियों के नाम भी भूल गए, जिस पर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। यह मामला एक ओर जहां परिवार की व्यक्तिगत खुशी को दिखाता है, वहीं दूसरी ओर समाज में आज भी बेटे की चाह को लेकर मौजूद मानसिकता और लैंगिक भेदभाव पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
