धनबाद। जिले के सदर अस्पताल स्थित कुपोषण उपचार केंद्र (एनआरसी) का गुरुवार को नीति आयोग की टीम ने औचक निरीक्षण किया। टीम के सदस्यों ने करीब आधे घंटे तक केंद्र में उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया और वहां भर्ती बच्चों के इलाज, पोषण आहार, दवाइयों तथा अन्य सुविधाओं की स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की।निरीक्षण के दौरान टीम ने केंद्र में भर्ती कुपोषित बच्चों के उपचार की प्रक्रिया, चिकित्सकीय देखरेख तथा पोषण आहार वितरण की व्यवस्था का अवलोकन किया। साथ ही यह भी देखा कि बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुसार उपचार और पोषण आहार उपलब्ध कराया जा रहा है या नहीं। टीम ने अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्यकर्मियों से विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा करते हुए केंद्र की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी ली।नीति आयोग की टीम ने केंद्र में उपलब्ध दवाइयों, पोषण सामग्री और अन्य आवश्यक संसाधनों की भी जांच की। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों से बच्चों की देखभाल, उपचार की प्रक्रिया और केंद्र में आने वाले कुपोषित बच्चों की संख्या से संबंधित जानकारी ली। टीम ने यह भी जाना कि कुपोषण से पीड़ित बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए किस प्रकार के प्रयास किए जा रहे हैं।स्वास्थ्यकर्मियों ने टीम को बताया कि केंद्र में भर्ती बच्चों को नियमित रूप से चिकित्सकीय निगरानी में रखा जाता है और उन्हें डॉक्टरों की सलाह के अनुसार पौष्टिक आहार एवं दवाइयां उपलब्ध कराई जाती हैं। साथ ही बच्चों की माताओं को भी पोषण और देखभाल से संबंधित आवश्यक जानकारी दी जाती है, ताकि घर लौटने के बाद भी बच्चों के स्वास्थ्य का सही तरीके से ख्याल रखा जा सके।निरीक्षण के दौरान टीम ने केंद्र की साफ-सफाई, व्यवस्थाओं और उपलब्ध सुविधाओं का भी जायजा लिया। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि कुपोषित बच्चों के इलाज और देखभाल में किसी प्रकार की कमी न रहे और उन्हें बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जाए।अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि कुपोषण उपचार केंद्र में बच्चों के इलाज और पोषण संबंधी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं नीति आयोग की टीम के इस औचक निरीक्षण को स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
धनबाद के कुपोषण उपचार केंद्र का नीति आयोग की टीम ने किया औचक निरीक्षण
