‘हजारीबाग के प्रथम सांसद बाबूराम नारायण सिंह को मिले भारत रत्न’

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भाजपा ओबीसी मोर्चा झारखंड प्रदेश अध्यक्ष डॉ अमरदीप यादव और राम नारायण सिंह के पौत्र डॉ प्रमोद कुमार सिंह ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र

‘हजारीबाग। आजादी के अमृत महोत्सव, राष्ट्रीय मतदाता दिवस और गणतंत्र दिवस के पूर्व भाजपा ओबीसी मोर्चा झारखंड प्रदेश अध्यक्ष डॉ अमरदीप यादव और राम नारायण सिंह के पौत्र डॉ प्रमोद कुमार सिंह ने हजारीबाग के प्रथम सांसद बाबू रामनारायण सिंह को भारत रत्न देने की मांग पत्र के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की है।
पत्र में उनकी संक्षिप्त जीवनी लिखते हुए उन्होंने जिक्र किया है कि बाबूराम नारायण सिंह (जन्म 19 दिसंबर 1885 तेतरिया हंटरगंज चतरा, मृत्यु 24 जून 1964, चतरा) प्रथम सांसद थे जिन्होंने संसद के अंदर अलग झारखंड राज्य की मांग की थी। वो एक स्वतंत्रता सेनानी, प्रसिद्ध अधिवक्ता, समाज सुधारक थे जिन्होंने जिला बंदोबस्त पदाधिकारी से वीआरएस लिया था। 1924 में वह जिला परिषद उपाध्यक्ष, 1927 से 47 तक केंद्रीय विधान परिषद एवं केंद्रीय विधानसभा के सदस्य रहे। 1950 से 1952 अंतरिम संसद सदस्य मनोनीत किए गए। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान 8 बार 10 वर्षों तक हजारीबाग, चतरा, भागलपुर और मथुरा जेल में रहे। बाबू रामनारायण सिंह ने अपनी पुस्तक “स्वराज लुट गया” में प्रधानमंत्री को प्रधान सेवक, नौकरशाह को लोक सेवक और मंत्रिमंडल को सेवक मंडल करने का विचार दिया है। उन्हें छोटानागपुर केशरी और छोटानागपुर का शेर कहा जाता है। उन्होंने 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा में गौ हत्या पर पाबंदी की मांग की, धारा 48 में गोवंशीय पशुओं का परिरक्षण, संवर्धन, सुधार और उनकी हत्या पर प्रतिबंध लगाने का मांग किया। बाबू रामनारायण सिंह हिंदुत्ववाद और राष्ट्रवाद विचारधारा के प्रबल समर्थक थे, वे जम्मू कश्मीर में एक विधान एक निशान और एक प्रधान के समर्थक थे। उन्होंने 9 अगस्त 1952 को नई दिल्ली से जम्मू कश्मीर ट्रेन यात्रा (धारा 370 हटाने का मांग को लेकर) के दौरान जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी, बलराज मधोक, उमाशंकर मलूटी भाई त्रिवेदी, जनसंघ के पूर्व सांसद विष्णु घनश्याम देशपांडे, पूर्व राष्ट्रीय महासचिव अखिल भारतीय हिंदू महासभा पूर्व सांसद और गुरुदत्त के साथ थे। 1955 में गौ हत्या निरोध समिति के बैनर तले सत्याग्रह आंदोलन की शुरूआत भगवान श्री कृष्ण की जन्मस्थली मथुरा से की गई। जिसमें बाबूराम नारायण सिंह ने भाग लिया, इसमें हजारों महिला और पुरुषों ने भाग लिया सैकड़ो की गिरफ्तारी हुई थी।
7 मार्च 1956 को मथुरा उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक परमपूज्य गुरु गोलवलकर की 50वीं जन्मोत्सव पर आयोजित कार्यक्रम में सभापति के रूप में भाग लिया।
श्री रघुवर दास अपने मुख्यमंत्रित्व कार्यकाल में 2017 में बाबू रामनारायण सिंह की जीवनी झारखंड के स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल कराया।
9 दिसंबर 2019 को श्री नरेंद्र मोदी ने बरही, हज़ारीबाग जनसभा में कहा कि बाबूराम नारायण सिंह कहते थे कांग्रेस से भ्रष्टाचार को जन्म देने वाली पार्टी हो गई है। वे उनलोगों लोगों में से थे जिन्हें कांग्रेस का छल कपट पता चल गया था।
2 सितंबर 2023 को बीएसएफ, मेरु हज़ारीबाग की स्थापना दिवस समारोह में भारत सरकार के गृह मंत्री अमित शाह ने बाबूराम नारायण सिंह के भारत के विकास में योगदान का जिक्र किया।
भारत रत्न की मांग करने वालों में इतिहास विभाग के रिसर्च स्कॉलर बुद्ध प्रिय मौर्य और युवा मोर्चा के प्रमंडलीय प्रभारी पंकज मेहता शामिल हैं।

Amarnath Pathak

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