
दिल्ली। 2017 के उज्जैन/उन्नाव रेप मामले में आज़ाद हुए पूर्व बीजेपी नेता कुुलदीप सिंह सेंगर की जेल की सजा दिल्ली उच्च न्यायालय ने निलंबित कर दी है और उन्हें जमानत दे दी है। कोर्ट ने जमानत पर कई शर्तें भी लगाई हैं। न्यायमूर्ति सुब्रमोनियम प्रसाद और न्यायमूर्ति हरीश वैद्यनाथन शंकर की बेंच ने निर्देश दिया कि सेंगर को 15 लाख रुपये की व्यक्तिगत बॉन्ड जमा करनी होगी, साथ ही तीन गारंटर भी उसी राशि के होंगे। इसके अलावा, सेंगर को दिल्ली में पीड़िता के आवास से 5 किलोमीटर के दायरे में नहीं आने और न ही पीड़िता या उसकी मां को धमकाने की मनाही दी गई है।

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी शर्त का उल्लंघन हुआ तो जमानत रद्द कर दी जाएगी। उच्च न्यायालय ने सेंगर की सजा निलंबित की है जब तक कि उनकी अपील, जिसमें उन्होंने दिसंबर 2019 के ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती दी है, सुनवाई के लिए लंबित है। सेंगर पर 2017 में उन्नाव रेप केस में दोषी ठहराया गया था और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। जमानत मिलने के बाद सेंगर अब अपील की सुनवाई तक जेल से बाहर रहेंगे, लेकिन अदालत द्वारा निर्धारित शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला संवेदनशील है और जमानत पर मिलने वाली शर्तें पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं।
